
Nibandh in Hindi : अगर आप एक छात्र है तो आपको किसी भी चीज पर निबंध लिखने आना चाहिए क्योकि अक्सर कई छात्रो को पढाई के दौरान या परीक्षा के दौरान किसी वस्तु, व्यक्ति, स्थान, नाम आदि पर निबंध लिखने को मिलता है।
हम यहाँ आपके लिए एक बढ़कर एक चीजो पर निबंध के कुछ नामुने लाये है जो आपके शिक्षा को और भी बढ़ावा देने में कारगर होगा इस पोस्ट में निबंध, निबंध लेखन, हिन्द निबन्ध, निबंध किसे कहते है, निबंध के प्रकार (Nibandh in Hindi) आदि को साझा करेंगे।
निबन्ध किसे कहते हैं ?
निबन्ध एक प्रयत्न है अतः निबन्ध सामान्य तथ्यों का सूचीपत्र नहीं है। यह सूचनाओं की खान भी नहीं है आत्म अभिव्यक्ति का यह एक प्रयास है यह जीवन्त है निबन्ध लिखने के लिए कुछ पहलुओं पर विचार किया जाता है और फिर कोई खास निर्देशन शैली नहीं होती है।
किसी भी विषय या प्रत्येक विषय पर निबन्ध लिखा जा सकता है। ‘एक टुकड़ा खड़िया’ भी हमें सपनों की दुनिया में उड़ान भरने की क्षमता दे सकती है तथा हम उस पर निबन्ध लिख सकते हैं। निबन्ध लेखन में विषय महत्वपूर्ण नहीं होता है। बल्कि उसको सजाकर सरलता से प्रस्तुत करने की कला महत्वपूर्ण होती है।
निबन्ध कैसे लिखें?
परीक्षा में निबन्ध लिखना केवल रचना-शक्ति का विश्लेषण है। लेखन-शैली का परिश्रमी शिक्षुता के लम्बे अन्तराल में शब्द योजना में जो महान प्रसन्नता प्रदान करता है उसकी परीक्षार्थी से आशा नहीं की जाती है, परन्तु उनसे तर्कसंगत व्यवस्थित रचना-विन्यास और सटीक भाषा के प्रयोग की आशा की जाती है।
अतः प्रत्येक परीक्षार्थी को निबन्ध लिखने से पहले निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए।
- लिखने से पहले सोचिए-निबन्ध लिखने से पहले अपने विचार-बिन्दुओ को संक्षेप (रफ) में लिख दें। फिर अपनी रचना की रूपरेखा तैयार करें। अब निबन्ध को छोटे-छोटे अनुच्छेदों में लिख डालिए।
- यदि विषय-वस्तु के विन्दुओं का उल्लेख हो- यदि विषय-वस्तु के बिन्दुओं का उल्लेख किया गया है तो प्रत्येक बिन्दु पर सोचिए और अपने विचारों को छोटे-छोटे अनुच्छेदों में विकसित कीजिए। एक के बाद एक बिन्दु पर लिखिए। ख्याल रखें कि सभी अनुच्छेद धारा प्रवाह के रूप में एक-दूसरे से जुड़े हुए हों तथा रचना का सन्तुलन बिगड़ा हुआ न हो।
- एक ही विचार पर अड़े न रहें-ऐसा करने से आपका निबन्ध निरस्त होगा और परीक्षक अप्रसन्न हो जायेंगे।
- सरल एवं स्पष्ट शैली में लिखिए-यह परीक्षा में सफलता की एक कुंजी है। बड़े शब्द अनियंत्रित बालकों की भाँति संभालना बहुत कठिन होता है। अतः सरल एवं साधारण शब्दों तथा छोटे-छोटे वाक्यों का प्रयोग कीजिए।
- व्याकरण के विषय में निर्देश- व्याकरण, वर्ण-विन्यास एवं विराम- चिह्नों के अपने प्रयोगों पर ध्यान दीजिए।
- सरल भाषा का प्रयोग सरल लेकिन मनोरंजक, स्पष्ट लेकिन आकर्षक लेख लिखने का प्रयत्न करें।