हर देश में तू, हर भेष में तू (प्रार्थना लिरिक्स)
हर देश में तू, हर भेष में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही हैहर देश में तू, हर भेष में तू,तेरे नाम अनेक तू एक ही है,तेरे नाम अनेक तू एक ही है।तेरी रंगभूमि, यह विश्व भरा,सब खेल में, मेल में तू ही तो है॥ सागर से उठा बादल बनके,बादल से फटा जल हो करके।फिर … Read more