Rahim Ke Dohe | रहीम के प्रसिद्ध दोहें हिन्दी अर्थ सहित
अकबर के नवरत्नों मे से एक अब्दुर्रहीम खानखाना अथार्थ रहीम के दोहा संग्रह मे से कुछ प्रसिद्ध दोहे आपके लिए पेश है। Rahim ke Dohe | रहीम के दोहें 1). रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय। टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय।। अर्थ- प्रेम का नाता नाज़ुक होता है. इसे झटका … Read more